The Nazar dosh Diaries



शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा।

वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे।

साधना समय में जिस मंत्र का जप कर रहें हों, उस मंत्र के देवता की प्रतिमा या फोटो अवश्य सामने स्थापित करें। 

शत्रु नाशक मंत्र : शत्रु नाशक काली मंत्र प्रयोग विधि और कवच

जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें। 

शाबर मंत्र को सिद्ध करते समय इन नियमों का पालन करें

जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह

किसी भी साधक को अगर सिद्ध किया हुआ यंत्र चाहिए तो वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे और मंगवा सकता हे

साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें। 

इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.

शाबर मंत्र भारत की प्राचीन तांत्रिक परंपरा का हिस्सा हैं। ये अपनी सहजता और प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। इन मंत्रों का उपयोग व्यक्ति के भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। read more ये मंत्र हनुमान जी की कृपा से सिद्ध माने जाते हैं और इनका सही जाप करने से वशीकरण, शत्रु निवारण, रोग मुक्ति और आत्मशुद्धि जैसी सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।  इन मंत्रों को गुप्त रखना जरूरी है। आइए इस लेख में शाबर मंत्र के नियम, महत्व और विधि के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें। 

एते विज्ञानं अहिन न नगयो। मोहि करेत्साराकुठीतिलसकम सरुपद्रे।

साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।

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